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एक जीवंत और सुदृढ़ कपड़ा क्षेत्र के विकास हेतु अपने विचार और सुझाव साझा करें

Share your ideas and suggestions to develop a vibrant and robust Textiles Sector
आरंभ करने की तिथि :
Jul 30, 2021
अंतिम तिथि :
Aug 15, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत के विकास के तार कपड़ा क्षेत्र की सफलता से जुड़े हुए हैं। कृषि के ...

भारत के विकास के तार कपड़ा क्षेत्र की सफलता से जुड़े हुए हैं। कृषि के साथ उद्योग का सहजीवी संबंध लाभार्थियों के क्षेत्र को विस्तृत करता है।
• 4.5 करोड़ लोग प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं जबकि अन्य 6 करोड़ अप्रत्यक्ष रूप से। इस क्षेत्र में महिलाओं और ग्रामीण आबादी की काफी हिस्सेदारी के साथ हैं।
• वस्त्र और परिधान में वैश्विक व्यापार का 5% हिस्सा भारत का है।
•इस क्षेत्र में भारत के सदियों पुराने ज्ञान और विशेषज्ञता ने इसे कुल निर्यात (2018-19) में 12% हिस्सेदारी के साथ दुनिया के दूसरे सबसे बड़े निर्माता और निर्यातक देश के रूप में स्थापित किया है।

और अब हम, कपड़ा मंत्रालय में, भारत के लिए वैश्विक नेता का दर्जा हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार निर्यात, गुणवत्ता और उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा, प्रौद्योगिकी उन्नयन, अनुसंधान एवं विकास और प्रशिक्षण को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के मिशन को साकार करने के लिए नवाचार और प्रोत्साहन पर जोर दे रही है और इस उद्योग में कौशल विकास पर भी ध्यान दे रही है।

अब, हम अपने मिशन में तेजी लाने के लिए उद्योग के विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों, छात्रों, व्यापार जगत के नेताओं और इस क्षेत्र के अन्य सभी योगदानकर्ताओं के सुझावों को जानने के लिए उत्सुक हैं। जैसा कि हम भारत की स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष को मनाने जा रहे हैं, हम चाहते हैं कि कपड़ा उद्योग की सफलता में आपकी भागीदारी बढ़े।

अपने विचार और सुझाव साझा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2021 है।

फिर से कायम कर देना
1211 सबमिशन दिखा रहा है
anandsingh
anandsingh 5 साल 3 सप्ताह पहले
मोदी जी.. सादर प्रणाम आपके हर कार्य आम और खास को प्रेरणा देते है | आपसे उम्मीद भी ऐसी है | इन्ही बातों को ध्यान मे रखते हुए मैं आपसे एक प्रार्थना करना चाहता हुँ की हमारे प्रिय प्रधानमंत्री जी यदि आप किसी विशेष स्थान के उद्घाटन समारोह मे जाते है तो उसके निर्माण मे जो मिस्त्री और मजदूर की उपस्थिति ज़्यदा हो उनसे से यदि आप रिबन कटवाना) उद्घाटन करवाते है बहुत ही उत्तम संदेश होगा, और उन मिस्त्री मजदूर को भी उस स्थान का विशेष छूट भी मिले,हम गर्व से बोल सके की हमारे यहाँ हाथ नहीं कटवाते, सम्मान देते है
Manoj Eknathrao Raut
Manoj Eknathrao Raut 5 साल 3 सप्ताह पहले
भारत कॆ विविध प्रदॆशॊ मॆ परम्परागत वस्त्रॊ का निर्माण‌ हॊता है इस उत्पादन कॊ विदॆशॊ मॆ भॆजनॆ कॆ लियॆ छॊटे उत्पादकॊ कॊ मार्गदर्शन व सहाय्यता दॆनि चाहिए|
Varun
Varun 5 साल 3 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी इस समय हर भारतवासी गन्दगी आवारा जानवरों और यातायात कि समस्या से परेशान है इस स्वतंत्रता दिवस पर आप इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए अपने भाषण मे जरूर अपने विचार दे।
suresh kumar Venkat
suresh kumar Venkat 5 साल 3 सप्ताह पहले
Dear sir Why not make Khaddar cloth as mandatory for school students uniform to bring the Unity and National Integrity also a respect for great patriots , national leaders who gave life for our country freedom . All over India all schools to wear khaddar cloth uniform . other than those who are allergies and any medical complaint. This will brighten up business of Khadi weavers . Jai hind
Keshav Nath
Keshav Nath 5 साल 3 सप्ताह पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम! आज जब सम्पूर्ण भारत मे केंद्रीय कर्मियों के लिए आपके द्वारा महंगाई भत्ते को 17% से बढ़ा कर 28% किया गया तो सभी केंद्रीय कर्मियों में निराशा जाती रही। किन्तु आपके द्वारा हम जैसे संविदा/दैनिक कर्मी जो राज्य स्तर के स्थानीय निकायों में कार्यरत हैं, की तनिक भी सूद नही ली गयी। मन व्यथित है क्या हमारे लिए महंगाई नही है?क्या हमारे बीबी-बच्चे परिवार नही है? क्या हम पर जिम्मेवारीयों का बोझ नही है?? उम्मीद है कि आपके द्वारा हमारे लिए भी संतोषजनक पारिश्रमिक तय की जाएगी
Keshav Nath
Keshav Nath 5 साल 3 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम! सरकार के स्थानीय निकायों में दैनिक मजदूरी पर कार्यरत कर्मियों के समय-समय पर पारिश्रमिक वृद्धि तो की जाती है, किन्तु केवल कागजी आदेशों तक सीमित रह जाती है। उन्हें शायद ही स्थानीय निकायों में समय पर लागू किया जाता है! समय-समय पर दैनिक पारिश्रमिक दरों में संशोधन के पश्चात इन्हें स्थानीय निकायों में कार्यरत अधिक से अधिक कर्मियों तक लाभ पहुंचाने हेतु एक निगरानी समिति की स्थापना कर इम्प्लीमेंट करने की आवश्यकता है ताकि मजदूरों को उनका हक मिल सके।