dinesh pandey
11 years 3 days ago
गंगा मैया को अपने पुरूखों का उद्धार करने हेतु भागीरथ सविनय पृथ्वी पर लाए थे। बृह्मा के कमंडल से जब निकलीं तो उनका प्रबल वेग झेलने के लिये अपनी जटाएं खोली थी।
ऐसी पतित पावनी गंगा प्रत्येक भारतवासी की आराध्य गंगा मैया है।
हम हमारी गंगा मैया को मैली नहीं होने देंगे। आओ हम सब मिलकर संकल्प करें।
जय हो गंगा मैया।
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