Madhu Mishra
10 years 6 months ago
अब तो फर्स्ट डिवीज़न की कोई वैल्यू ही नहीं अब तो ९९.९९% होना चाहिए इस दौड़ में एक ओर स्कूल कॉलेज अपनी जिम्मेदारी भूल रहे है साथ ही बच्चे भी कोचिंग के बोझ में दबे जा रहे है एक नया कांसेप्ट डमी स्कूल का आ गया है जहा जाकर माता पिता को लुटा जाता है और नए सपने दिखाए जाते है और सरे सपने लेकर माता पिता बच्चो से चमत्कार की उम्मीद रखते है नहीं हुआ तो प्राइवेट कॉलेज की दुकान तो खुली ही है
कुछ तो करिए महोदय जब सबका उद्देश्य एक है तो इतने सारे रास्ते भटकने के लिए है ये बिखराव क्यों है
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