Raushan kumar
6 years 5 months ago
पंजीकृत सैलून-पार्लर के संचालक का भविष्य गर्त में जा चुका है।उनके पास न स्वयं जीवकोपार्जन के लिए कुछ बचा है और न ही अपने कामगारों के लिए।अब इस व्यवसाय से जुड़े समस्त लोगों को बिना किसी शर्त गरीबी रेखा में शामिल किया जाए एवं इनकी दक्षता के अनुरूप सफाईकर्मी/कृषि/उद्योग या अन्य किसी क्षेत्र में अलग अलग लेवल पर काम लिया जाए।
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