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विद्यांजली - (स्कूल स्वयंसेवी कार्यक्रम)

Vidyanjali - (School Volunteer Programme)
आरंभ करने की तिथि :
Jun 15, 2016
अंतिम तिथि :
Dec 31, 2017
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

विद्यांजली - (स्कूल स्वयंसेवी कार्यक्रम) सर्व शिक्षा अभियान के समग्र ...

विद्यांजली - (स्कूल स्वयंसेवी कार्यक्रम) सर्व शिक्षा अभियान के समग्र तत्वावधान में देश भर में सरकार द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में समुदाय और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की एक पहल है।

इस कार्यक्रम द्वारा उन लोगों में एक साथ लाने का उद्देश्य है, जो उन स्कूलों में स्वयंसेवा करने को तैयार हैं जहाँ वास्तव में उनकी ज़रूरत है। स्वयंसेवक बच्चों के साथ सलाहकार, विश्वासपात्र और संवादकर्ता के रूप में कार्य करेंगे।

इस उद्देश्य के अनुरूप, माईगोव ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में स्वयंसेवा के लिए इच्छुक नागरिकों को इस तरह के ज़मीनी कार्यों में संलग्न करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित की है।

यह एप्लिकेशन इच्छुक स्वयंसेवकों को स्कूलों सहित सरकारी शैक्षिक संस्थानों से जोड़ने में सहायक होगा। यह मोबाइल एप्लिकेशन स्वयंसेवी प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों और सरकारी निकायों के बीच गठजोड़ के रूप में कार्य करेगा। इस मोबाइल एप्लिकेशन द्वारा मेंटर्स संस्थाओं के साथ सीधे संपर्क कर सकते हैं और संबंधित ज्ञान और कौशल से संस्था की गतिविधि में योगदान दे सकते हैं।

यह एप्लिकेशन एक इंटरैक्टिव मोबाइल प्लेटफॉर्म है जो संस्थानों द्वारा निर्धारित शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक भूमिका में उपयुक्त स्वयंसेवकों की मांग को पोस्ट करने में सहायता के लिए दो हितधारकों के बीच संपर्क सुविधा प्रदान करता है। भावी स्वयंसेवक, एप्लिकेशन के उपयोगकर्ता अपने वर्तमान स्थान के आधार पर प्राप्त सूची को देखकर उपलब्ध स्वैच्छिक अवसरों में अपनी रुचि दिखा सकेंगे। एप्लिकेशन का संस्थानों और स्वयंसेवकों, दोनों के लिए एक अलग डैशबोर्ड का दावा है , जिसमें संस्थान और स्वयंसेवक दोनों को ढूंढने की सुविधा वाला मानचित्र होगा। मानचित्र पर पिन मार्कर्स के माध्यम से स्वयंसेवकों और संस्थानों की सटीक स्थिति दिखेगी ।

स्वयंसेवक एप्लिकेशन दोनों हितधारकों की ओर से दो तरफा खोज की अनुमति देगा। स्वयंसेवक गतिविधियों की खोज करके सूचीबद्ध गतिविधियों में अपनी रुचि दिखा सकेगा। इसी तरह, एक संस्था उसकी जरूरतों को पूरा करने वाले ऐसे स्वयंसेवकों की खोज कर सकेगी जो एप का उपयोग कर रहे हैं, स्वयंसेवक के लिए अनुरोध कर सकेगी, स्वयंसेवक प्रोफ़ाइल की समीक्षा कर सकेगी, और आगे की कार्रवाई और नियुक्ति के लिए मीटिंग का आयोजन कर सकेगी।

इसलिए, यह एप्लिकेशन शैक्षिक संस्थानों के साथ इच्छुक स्वयंसेवकों को जोड़ने और रिक्त स्थानों को भरने के लिए संस्था के साथ सहयोग करेगा। इससे न केवल स्वयंसेवकों को संतोष प्राप्त होगा बल्कि विद्यार्थियों को भी सहज अनुभव होगा। इस आशय की एक एप्लिकेशन शैक्षिक संस्थानों के सामने आने वाले अनुपस्थित या अक्षम मानव संसाधन जैसे अस्थायी मुद्दों को हल करने के लिए एक सफल और अभिनव विकल्प के रूप में काम करेगी ।

विद्यांजली शुभारंभ के लिए स्कूलों की सूची

विद्यांजली मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
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Shree Krishna Jan Kalyan Samiti
Shree Krishna Jan Kalyan Samiti 9 साल 1 महीना पहले
में श्री कृष्णा जन कल्याण समिति की तरफ से आपसे एक आशा रखता हु की आप Vidyanjali - (School Volunteer Programme)को उत्तर-प्रदेश (आगरा) में भी लेकर आये जिससे आगरा में रह रहे सभी गरीब बच्चो को पड़ने के लिये एक सहारा मिले तथा जोह संघटन ऐसा नेक कार्य कर रहे है उन्हें भी कुछ मदद मिल सके अरुण शर्मा (9675533621) श्री कृष्णा जन कल्याण समिति कालिंदी विहार,आगरा-6
Shree Krishna Jan Kalyan Samiti
Shree Krishna Jan Kalyan Samiti 9 साल 1 महीना पहले
मेरे विचार से शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिये व सभी को शिक्षित करने के लिये हम सभी अध्यापक वर्ग के लोगो को जागरूक होने की जरुरत है की वह सर्व प्रथम शिक्षा से खिल बाड न करे स्कूल बी विधालय में सोने के लिये नही अपितु पडाने के लिये आये जब हमारे यह सोच होगी तभी लोग व समाज का विकास होगा इसी क्रम में श्री कृष्णा जन कल्याण समिति के द्वारा आगरा स्थित कालिंदी विहार में निशुल्क शिक्षा शिविर की स्थापना की गयी है जिसमे 96 बच्चो को निशुल्क शंस्था सदस्यों द्वारा शिक्षा दिलाने प्रयास किया गया है
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Mathew
Mathew 9 साल 1 महीना पहले
Vidyanjali -School Programme is an Excellent way to get informations ,suggestions . EDUCATION is to develop in BOTH WAYS Practical and Theory.Now we have only one method by passing examination in Schools or 100% Succes for all students.This system should be CHANGED. Students have the RIGHT to EDUCATION they have to STUDY and Practice ,to Pass. students should get Knowledge of Agriculture,Electric work,Plumbing,Repairing should study during 8th 9th & Tenth Std. student empowerment CHANGE.
GAMJIBHAI CHANDISA
GAMJIBHAI CHANDISA 9 साल 1 महीना पहले
1हमें भारतीय शिक्षा व्यवस्था में नैतिक, चारित्रिक और सामाजिक मूल्यों का उचित समावेशन चाहिए? 2-हमारी भारतीय शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो जो हमें हमारी वैदिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखे ना कि दूर करे। 3-शिक्षा की परिभाषा-"शिक्षा वह है जो मनुष्यों के तन,मन और हृदय अर्थात चतूर्दिक विकास करे।"इसे हासिल करवाये।
Subhashree Ghosh
Subhashree Ghosh 9 साल 1 महीना पहले
आदरणीय मंत्री जी आपसे मेरी ये निवेदन है कि विद्यांजली को आप पश्चिम बंगाल में भी शुरू करे। यहां भी बच्चो में विकास हो। शिक्षा की वृद्धि हो। आज भी कई ऐसे जगह है जहाँ बच्चे पढ़ना नही बल्कि आपत्ति जनक कार्यो में व्यस्त रहते है। इस राज्य की नागरिक होने के अंतर्गत मैं चाहूंगी कि आप विद्यांजली कार्य को यह भी लाये। धन्यवाद #vidyanjali #schoolvolunteerprogramme
Sachin Saini
Sachin Saini 9 साल 1 महीना पहले
Quality education should be promoted instead of running behind marks. Students should be awared to the responsibility towards society, government Nd their families so that when they will grow up, there will be no requirement of making more & more rules and regulations to be followed. Education related to human relations and sex should be imparted to make them able to understand that whatever is seeming to them is just an illusion & their ultimate goal is to make their country proud in world.
Rakesh Kumar
Rakesh Kumar 9 साल 1 महीना पहले
1हमें भारतीय शिक्षा व्यवस्था में नैतिक, चारित्रिक और सामाजिक मूल्यों का उचित समावेशन चाहिए? 2-हमारी भारतीय शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो जो हमें हमारी वैदिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखे ना कि दूर करे। 3-शिक्षा की परिभाषा-"शिक्षा वह है जो मनुष्यों के तन,मन और हृदय अर्थात चतूर्दिक विकास करे।"इसे हासिल करवाये।
Umesh kumar
Umesh kumar 9 साल 1 महीना पहले
1. Firstly we should mandate 10% of the total seats of every private schools to be filled with the students of poor section of that society. 2. Teachers should be qualified on practical basis. Mere having degree of B. Ed or so ever can not guarantee to be qualified for teaching. 3. There are many talented person who are well equipped with teaching skills but could not have chance to utilise that. 4. And lastly every teacher should have moral values of teaching. Then only they can impart.