rajesh ji baba
5 साल 9 महीने पहले
क्षमा करें महोदय आपके कार्य सराहनीय है परन्तु राष्ट्र तभी आत्मनिर्भर बनेगा जब निष्पक्षता के साथ अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक की समस्यायों को सुनकर उनका निस्तारण पूरी निष्ठां के साथ किया जायेगा!
हमारे भारत का प्रशासनिक ढांचा पूर्णतया भ्रष्ट और खोखला हो चुका है और यह कटु सत्य है!
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