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कैसे प्राकृतिक संसाधनों के संपोषित प्रबंधन से भारत में खाद्य एवं ग्रामीण आजीविका सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है?

आरंभ करने की तिथि :
Feb 10, 2015
अंतिम तिथि :
Aug 31, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
जैसे भारतीय जनसंख्या की निरंतर वृद्धि हो रही है, देश में खाद्यान्न, ...
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टिप्पणियाँ (1)
2010 सबमिशन दिखा रहा है
punith s k
11 साल 4 महीने पहले
Hello,
I do have solution which was bigger than the space allotted in the site to put so i just put it in a pdf and attached. May be it is much more farmer oriented but I think it is not out of topic since in general rural population are farmers.
Solution.pdf
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Mukesh naresh bhoyar
11 साल 4 महीने पहले
First of all awereness is most imp about s.m. of n.r. and give good msp for farmer to motivate for growing more and more and select responsible administrator in rural area to check all problem related to livelihood if not there any facility of job plz available to them
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Mohsin Nakum
11 साल 4 महीने पहले
My worry about to farmers who are really doing best job but they're not getting rewards
They grow fruits and vegetables and they're even not getting cost of growing fruits and vegetables. It's same we are eating
Traders selling high value in markets
Middle people looting farmers money
Why government not thinking to fix that problem?
Where is the infrastructure for farmers?
There is no control on prices
Lots of easyway to solve problems
But governments not looking
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abhinav gupta
11 साल 4 महीने पहले
KCC loan देते समय तीनो का एकagreementहो खेती के लिए पैसा बैंक देगा फसल पैदा होने पे बैंक के बकाये के बराबर खरीददअरी कर बैंक का पैसा FCI देगा, यदि फसल खराब हुई तो insurance coverका पैसा insurance companyदेगी।
इस तरह से किसान को बिना अपना पैसा लगाए मुनाफा हो सकेगा और उसे सुरक्षा भी मिल सकेगी।
बैंक के loan NPA नही होंगे तो बैंक भी बिना किसी डर के ज्यादा से ज्यादा कृषि ऋण देंगे। सारी सुविधाएं एक ही जगह पे मिलने से किसानो की परेसानी कम होगी।
अतः यह योजना सभी के लिए win-win की स्थिति होगी।
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abhinav gupta
11 साल 4 महीने पहले
जैसा की हम सभी जानते हैं आज कल किसान अपनी फसल बर्बाद होने के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। किसानो को इस स्थिति से निकल जा सकता है।
हम खेती की वो व्यवस्था विकसित कर सकते हैं जिसमे किसान का अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च ना हो। अभी। तक हमारे देश मे किसानों के लिए बैंक एकल व्यवस्था हैं यदि बैंक insurance and FCI का एक गठजोड़ बनाया जाए तो ये सभी के लिए लाभप्रद होगा।
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AJINKYA KOLAPKAR
11 साल 4 महीने पहले
हर घर के बाहर एक पेड़ लगाना सख्त करना चाहिए
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Piyush Misra
11 साल 4 महीने पहले
pastures and ponds should be developed all along roads and barren land.
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Piyush Misra
11 साल 4 महीने पहले
Like Motor insurance is compulsory, Insuring crops should be made compulsory, farmers should be trained to diversify risk of weather by joining farming with dairy.
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Dr Sunil Rajput
11 साल 4 महीने पहले
desh ke sabhi raste NH SH sahit jo bhi gramin bharat ke raste ke bajume nim aam pipal jaise chhav dene vale ped lagaye
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Sridhar Ramireddy
11 साल 4 महीने पहले
don't use plastic, in future in the earth no trees, no water, no oxygen. only plastic, pollution, polluted water, polluted air. Plastic creates many diseases, many problems.....
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