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28 सितंबर 2025 को मन की बात कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी जी को अपने सुझाव भेजें

28 सितंबर 2025 को मन की बात कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी जी को अपने सुझाव भेजें
आरंभ करने की तिथि :
Sep 05, 2025
अंतिम तिथि :
Sep 26, 2025
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और ...

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री आपको मन की बात के 126वें एपिसोड में संबोधित किए जाने वाले विषयों पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

आने वाले मन की बात एपिसोड में आप जिन विषयों या मुद्दों के बारे में प्रधानमंत्री से बात करना चाहते हैं, उनसे जुड़े अपने सुझाव हमें भेजें। इस ओपन फ़ोरम में अपने विचार शेयर करें या वैकल्पिक रूप से, आप टोल-फ़्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल भी कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश हिंदी या अंग्रेज़ी में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश प्रसारण का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर एक मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और SMS में मिले लिंक को फ़ॉलो करके सीधे प्रधानमंत्री जी को अपने सुझाव दे सकते हैं।

और 28 सितंबर 2025 को सुबह 11:00 बजे मन की बात के साथ जुड़े रहें।

फिर से कायम कर देना
2746 सबमिशन दिखा रहा है
JOHAN DHANAKUMAR
JOHAN DHANAKUMAR 10 महीने 1 day पहले
Most Respected PMJI Vanakkam. My humble suggestions are as follows: 1) The crackdown on offences such as online betting, drug trafficking, hoarding, smuggling, tax evasion, profiteering may be intensified. 2) All the Union Government undertakings, departments and Ministries may be mandated to instal roof top solar panels and rainwater harvesting structures. 3) Manual cleaning of sewers and septic tanks needs to be totally eliminated and the process of mechanisation can be put in place. 4) People are expecting greetings from our Hon'ble PMJI for the upcoming festivals, including Diwali. 5) It is a milestone for the country to undertake ship building indigenously. The process of self reliance is gaining momentum on a fast track basis. 6) One qualified doctor and a couple of paramedics can be deployed in all the long distance trains. This will enable to render prompt medical attention to the passengers during an emergency. 7) Water sports and Pilgrim tourism can be promoted.
sheo singh
sheo singh 10 महीने 1 day पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम, रुपए 500 के नोट पर गांधी जी का चित्र यथावत रहने दीजिए उसके पश्चात 200 के नोट पर छत्रपति शिवाजी का चित्र, 100 के नोट पर महाराणा प्रताप जी, का चित्र 50 के नोट पर गौतम बुद्ध का चित्र, 20 के नोट पर महावीर स्वामी का चित्र तथा₹10 के नोट पर गुरु गोविंद सिंह जी का चित्र, ₹5 के नोट पर सरदार पटेल जी का चित्र होने की प्रार्थना करता हूं l चित्रों का क्रम बदल भी सकता है . सधन्यवाद
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 10 महीने 1 day पहले
प्रधानमंत्रीजी, रोज़गार मुख्य मुद्दा है, फिक्स सैलरी इंकम पर सरकार नियुक्तियां या जॉब निकाले, अच्छे कार्य करने पर 20% की वृद्धि पर 5 वर्ष पुनर्नियुक्ती हो, वेतन नियंत्रित या ₹ 25 हजार तक हो, रोज़गार मांगने वाले शर्तें नही रखते, सरकार ही शर्तें रख सर पर बिठाती है। सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों को कार्य से अधिक वेतन है, उदाहरण है वर्षों से नियुक्तियां ना होते हुए भी कार्य हो रहें है, तीन का हक एक को जा रहा है सो वेतन और पेंशन का बजेट बढ़ रहा है, इसलिए 50% कटौती ज़रूरी है, शुरुआत विधायक, सांसद और मंत्री इन्हीं लोगों से हो तो विरोध भी नहीं होगा, और पेंशन पाने के लिए खुद का निवेश हो।
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 10 महीने 1 day पहले
प्रधानमंत्रीजी, सरकार निवृत अधिकारियों को 2 से 5 वर्ष की नियुक्तियां करने पर विचाराधीन है। रेल्वे, LIC और जनरल इन्शुरन्स मे यह कार्य पिछले कई वर्षों से चल रहा है, आश्चर्य की बात है कि नए बच्चों को जॉब क्यों नहीं या उन पर विश्वास नहीं , निवृत लोगों से भी कम वेतन पर 3 से 5 वर्ष की नियुक्ति कर युवाओं को रोजगार सरकार दे, अच्छे कार्य पर 3 या 5 वर्ष कार्यकाल बढाए, सरकार युवा वर्ग पर भरोसा नहीं कर बेरोजगारी को बढावा दे रहीं हैं। पिछले कई वर्षों से महाराष्ट्र में देखने मे आया है की सचिव/मुख्य सचिव निवृत होते ही तुरंत मुख्यमंत्री के निजी सचिव के रूप में लाखों के मानधन पर मनोनीत हुए हैं।
shashi sharma
shashi sharma 10 महीने 1 day पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री ji सादर नमन GST का प्रारंभ केवल एक कर सुधार नहीं था, यह भारत के आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे में एक गहन और दूरगामी परिवर्तन का संकेतक था। यह सुधार एक ऐसी यात्रा के रूप में सामने आया जिसे हम केवल नीति का परिवर्तन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा भी कह सकते हैं। आपने जिस दूरदृष्टि और साहस के साथ GST को लागू किया, वह न केवल ऐतिहासिक था बल्कि एक “सर्जन, विसर्जन और नवनिर्माण” की दिव्य प्रक्रिया जैसा प्रतीत होता है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो जैसे ब्रह्मांड में सृजन, संहार और पुनर्निर्माण का चक्र चलता है, वैसे ही भारत की कर प्रणाली ने भी इन तीन चरणों को अनुभव किया है। पुराने कर तंत्र का विसर्जन एक साहसी निर्णय था , GST2 यह कदम सीधे-सीधे मध्यमवर्ग और निम्न आय वर्ग को राहत पहुंचाता है। एक जनकल्याणकारी निर्णय है, जो भारत को स्वस्थ राष्ट्र की ओर ले जाता है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” को आपने केवल भाषण नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति बना दिया।
Deepali Hingne adv
Deepali Hingne adv 10 महीने 1 day पहले
https://www.facebook.com/share/r/1A8mh9Gtb8/ https://www.facebook.com/share/r/18pYxnX73Z/ बेशक गुस्सा सेहत के लिए हानिकारक होता है पर वही गुस्सा देश समाज धर्म के लिए हितकारक है क्यु के उसमे शांती ,सत्य, प्रेम ,प्रगती जो प्रकृती के लिए गुणकारक है पर वही गुस्सा उचित मात्रा मे उचित समयपर मानवीय सभ्यता बनाता सुखकारक है -बेवजह की जबरदस्ती डरा/धमकाकर लुटखसोट करना criminal mindset show करना ना खुदका या औरो का सोचना देश दुनिया मे उधम मचाना साबीत क्या ही है करना.. -lors ram& Krishn ji if observe that they were in duty of human being so they has to perform all u/destiny if they know it still can't avoid cause no choise & people known it after their duty accomplished still if know still has 2traet as human being ..it's nature