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वित्तीय संसाधनों की बढ़ोतरी

आरंभ करने की तिथि :
Jun 10, 2015
अंतिम तिथि :
Aug 11, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
यह चर्चा विषय ‘भारत में स्वास्थ्य प्रणालियां:मौजूदा निष्पादन और ...
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Raghavendra Guru Srinivasan
11 साल 1 महीना पहले
I suggest adoption of the Global framework for Health related food taxation that will increase health finance while preventing diseases by reducing consumption of food. Internationally, the multinational food companies that cause health problems book profits elsewhere while the local governments have to pick up the costs of public health. The above problem is similar to base Erosion and profit shifting where it costs the country in terms of healthcare expenses without adequate matching revenue.
Efficient-Tax-Framework.pdf
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Burzes Batliwalla
11 साल 1 महीना पहले
Use tge black money of various defaulters and directly use it for social schemes. Apart from this its time to open up new sectors
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Joymalya Chakraborty
11 साल 1 महीना पहले
Funds are required for the discipline of Industrial growth. It’s the mobilizing of the savings for productive investment at minimum hurdle.
Gaps in economic development is like improper functioning in use of savings and transfer of funds for investment. Concept of mobilizing the fund for Green cannot be related to complete unorganized banking.
https://www.linkedin.com/pulse/20141130115226-107479143-green-funding?trk=mp-reader-card
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Amit Srivastava
11 साल 1 महीना पहले
सरकार काे वित्तीय संसाधनो को बढाने के साथ साथ धन के अपव्यय पर भी अंकुश लगाने की जरूरत है। सरकारी संस्थाऒ द्वारा विशॆष तौर पर विधिक उपचारॊ कॆ दुरुपयॊग की प्रक्रिया कॊ बढावा दिया जा रहा है.जिसकॆ चलतॆ दॆश कॆ न्यायालयॊ मॆ मुकदमॊ का अम्बार बढता जा रहा है.आलम यह है कि एक ही मुकदमॆ कॊ बार बार निराधार ढंग सॆ 20-20 सालॊ सॆ विधिक उपचारॊ कॆ दुरुपयॊग कॆ तहत न्यायालय मॆ लम्बित रखा जा रहा है.इस प्रवृत्ति पर तत्काल अंकुश लगाए जानॆ की जरूरत है ताकि न्याय का अपहरण ना होने पाए और अरबो रूपये का जन धन बचाया जा सके.
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JAGDISH PATHAK
11 साल 1 महीना पहले
The basic concept of increasing financial resources are to produce the things and services which can be sold in national or internationla market.The make in india concept should be implemented quickly to produce any things or services.The maximum use of public in cretivity.Grass root level planning should me made to increase the production, productivity either in agricultural,manufacturing or services,etc. must be produced and sold in the local or foreign market.
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