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यात्री गाडि़यों में ज्वटलनशील सामग्री ले जाने के कारण होने वाली दुर्घटनाएं

आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Jul 17, 2015
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
रेल अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत :- ...
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hitesh sachdeva
11 साल 6 महीने पहले
awesome budget for long time............
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Ashi Jain
11 साल 6 महीने पहले
Also Can we make our railway station's structure more passenger friendly Instead of so many stairs can we have a more escalators or more slant platforms. It became really very difficult to carry heavy luggage's on stairs specially wen you are travelling all alone
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Ashi Jain
11 साल 6 महीने पहले
Can we have a small dustbin in every compartment ??
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Vasu Gautam
11 साल 6 महीने पहले
I would say if we make stations multi floor and on first floor we can create shops and second floor could have rooms to rest there are many who can book those rooms to rest and to wait and it can be used when there is a delay in train due to fog or any other issue.
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satyanarayan khandelwal
11 साल 6 महीने पहले
I want to suggest that the reservation in railway be made transferable.There is no need to show any identity and any person can travel on ticket whether booked by himself or anybody else.There may be restrictions that single person can book maximum number of tickets due to this the common person can earn some money by giving his ticket to needy person on some premium and the earning of brokers will divide in various common person
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Rajesh Tiwari
11 साल 6 महीने पहले
Honerable Rail minister roll back the decion of 4 months reservation policy from current 2 months in Rail budget 2015.
As it will not prevent brokers in any manner but to encourage brokers because most of the passengers do not plan or know about their journey before 4 months.
Also this decion will encourage seat availibilty problem and black marketing.
So I request you review your decision again.
Thank You
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Sandeep Kumar Tailor
11 साल 6 महीने पहले
रेल के सभी डिब्बों के ऊपर सोलर पेनल लगाने चाहिए। इससे जगह की टेंशन भी नहीं रहेगी साथ ही हर रेल के पास खुद की बिजली भी रहेगी। बिजली बचेगी भी और बनेगी भी। इस बिजली का उपयोग रेल के पंखो ट्यूबलाइट और ऐसी चलने में किया जा सकेगा।
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AJIT JESWANI
11 साल 6 महीने पहले
हमारा सुझाव है कि क्यों न सरकार सभी मुख्य स्टेशनों पर खान पान की स्थति सुधारने के लिए हमारे देश के खाद्य विक्रेता जैसे हल्दीराम, सागररत्न, मैक डॉनल्ड, नरूलाज, दिल्ली दरबार, जैसे अन्य खाद्य सामग्री विक्रेता व निर्माताओं को अपना भोजनालय खोलने की अनुमति प्रदान करे. जिससे खाद्य सामग्री की उत्कृष्टता बानी रहे। इसमें इस बात का ध्यान रखा जाये कि एक स्टेशन पर दो या दो से ज्यादा खाद्य निर्माताओ को अनुमति प्रदान की जाये जिससे खाद्य उत्कृष्टता और मूल्य नियंत्रित रहे सके जिससे कोई अपना एकाधिकार स्थापित
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Anil Kumar Soni
11 साल 6 महीने पहले
huge penalty clause for passenger carrying inflammable materials,
communication to authority without reveling ones identity
one dedicated number where sms can be send with and optional
Awareness programme
hordings etc
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EZHILKENNEDY KATHIRVEL
11 साल 6 महीने पहले
Any individual must have their own responsibility in this regard. Than only we can do the things to the people who they are in need.
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