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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2023 के लिए थीम सुझाएं

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2023 के लिए थीम सुझाएं
आरंभ करने की तिथि :
Mar 16, 2023
अंतिम तिथि :
Mar 31, 2023
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

योग की सार्वभौमिक अपील और इससे प्रतिरक्षा शक्ति का निर्माण और तनाव ...

योग की सार्वभौमिक अपील और इससे प्रतिरक्षा शक्ति का निर्माण और तनाव से राहत देने वाले जैसे फायदे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) के रूप में घोषित किया। 2015 से, हर वर्ष इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। दुनिया भर के लोगों को योग से होने वाले फायदे, जन स्वास्थ्य में इसके महत्व व योगदान संबंधी जागरूकता बढ़ाने से आज योग में बड़ी संख्या में लोगों की रुचि बढ़ी है।
9वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY2023) की तैयारी शुरू हो चुकी है और आयुष मंत्रालय (MoA) को इसमें सक्रिय जन भागीदारी की उम्मीद है।
हर साल आईडीवाई एक थीम के साथ मनाया जाता है। पिछले वर्षों के विषय नीचे दिए गए हैं:

क्र.सं वर्ष थीम
1. 2015 सद्भाव और शांति के लिए योग
2. 2016 सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए योग
3. 2017 स्वास्थ्य के लिए योग
4. 2018 शांति के लिए योग
5. 2019 हृदय के लिए योग
6. 2020 घर पर योग, परिवार के साथ योग
7. 2021 वेलनेस के लिए योग
8. 2022 मानवता के लिए योग

इस पृष्ठभूमि के साथ, आयुष मंत्रालय सभी नागरिकों से निम्न विषय पर विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करता है।
"9वीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को किस थीम के साथ मनाई जाए?"
आपसे आग्रह है कि थीम का नाम सुझाने के साथ-साथ यह भी बताएं कि थीम के आधार पर इस बार के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को कैसे मनाया जाए।

आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2023 है

फिर से कायम कर देना
808 सबमिशन दिखा रहा है
Satguru Rajendra Rishi
Satguru Rajendra Rishi 3 साल 4 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमन्त्रीजी, सादर हरिस्मरण। योगशास्त्रों में कहा गया है कि योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः। अर्थात चित्तवृत्तियों का निरोध ही योग है। प्राचीन काल से ही योग को चित्तशुध्दि और चित्तवृत्ति-निरोध का उपाय माना गया है। आज के समय में जो नाना प्रकार के प्रदूषण हमारे चारों तरफ विद्यमान हैं, उसमें चित्त यानी चिंतन या कहिए मन का प्रदूषण सबसे ज्यादा घातक है। लोगों की महत्वकांक्षाएं और रोजमर्रा की परेशानियां इतनी बढ़ गई हैं कि वो लोगों के मनों को उनके विचारों को प्रदूषित करने लगी हैं। जीवन में सफलता पाने के लिए या अपना जीवन स्तर ऊँचा उठाने के लिए लोग गलत मार्ग पर भी चल दे रहे हैं। आदरणीय प्रधानमन्त्रीजी, योग निसंदेह मानसिक शांति देता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। लेकिन शांति से उसे करने के लिए यह जरुरी है कि हमारी मूलभूत आवश्यकताएं पहले पूरी हों। भारत में जीविकोपार्जन की समस्या के बाद सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य को लेकर होती है। भारत में इलाज महंगा है। आयुष्मान कार्ड सबके पास नहीं है और सब हास्पिटल उसे स्वीकार नहीं करते हैं। इस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए। जयहिंद। जय भारत।
Adithimanasa
Adithimanasa 3 साल 4 महीने पहले
9. 2023 Yoga for YOU Making ourselves a priority is the need of the hour. People are slogging at offices, working overtime, being sleep deprived and skipping meals. Work and commute to work is taking too much time out of the 24 hours we have in hand. People are unable to spend quality time with family and friends. Whenever they get a chance to rest, people prefer binge-watching TV/ OTT series or surfing the net instead of meditating, exercising or even stepping out in the sunlight to walk amidst nature. For those claiming not having time to work out, yoga is the answer. "Yoga for YOU" will help us put ourselves first. Our health, our peace of mind, our wellbeing. We will start loving ourselves. Weight loss, healthy lifestyle, organised mind, good habits and positive vibes around us are all added advantages we get free with yoga! Hence, yoga for you.